Corona फैलाने के गुनहगार (Guilty) विदेशी जमाती नहीं लौट पाएंगे स्वदेश (Home country), पूरी खबर पढ़ें!

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New Delhi: देश की राजधानी दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में तब्लीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए विदेशी जमातियों की उनके देश को वापसी फिलहाल संभव नहीं है, केंद्र सरकार ने ये जानकारी Supreme Court में दी. केंद्र सरकार ने कहा कि इन लोगों की स्वदेश वापसी तब तक नहीं होगी जब तक उनके खिलाफ भारत में किसी भी राज्य में दर्ज आपराधिक मुकदमें की सुनवाई India की अदालतों में पूरी नहीं हो जाती है.

कोरोना को लेकर भारत सरकार के दिशा-निर्देशों और राज्य सरकारों व Police के आदेश का उल्लंघन करने पर हजारों जमातियों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में क्रिमिनल केस रजिस्टर हैं. जिनकी सुनवाई अदालतों में होनी बाकी है. केंद्र सरकार ने हजारों जमातियों को Blacklist करके उनके वीजा रद्द कर दिए थे, सरकार के इस आदेश के खिलाफ विदेशी जमातियों ने Supreme Court में याचिकाएं दायर की हैं.

विदेशी तबलीगी जमातियों के वीजा रद्द करने और ब्लैकलिस्ट किए जाने के मामले केंद्र Govt ने Supreme Court को बताया कि प्रत्येक मामले में अलग-अलग आदेश पारित किया गया है. सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल ने जब इस बात की जानकारी Court को दी.

बता दें कि जमात के 34 देशों के 34 सदस्यों ने Supreme Court में याचिका दायर करके कहा था कि जमात के 3,500 विदेशी सदस्यों का बिना उनका पक्ष सुने केवल एक प्रेस रिलीज के द्वारा वीजा रद्द कर दिया गया और ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था.

हालांकि पिछली सुनवाई के दौरान Supreme Court ने भी पूछा था कि अलग-अलग आदेश की बजाय केवल एक प्रेस रिलीज क्यों जारी की गई.

सुनवाई के दौरान याचिका का विरोध करते हुए सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि वीजा जारी करना या रद्द करना Govt का संप्रभु फैसला है इसमें कोर्ट दखल नहीं दे सकता है. उन्होंने Court को बताया कि प्रत्येक मामले में अलग-अलग आदेश जारी किया गया था और इसकी सूचना संबंधित व्यक्ति को ईमेल के जरिए दी गई थी. सॉलिसिटर जनरल की इस दलील के बाद कोर्ट ने कहा कि उस आदेश को High Court में चुनौती दी जा सकती है.

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याचिकाकर्ताओं के तरफ से ये दलील दी गई कि वीजा कैंसिल करने के बाद जमात के विदेशी सदस्यों को उनके देश वापस भेजा जाना चाहिए. ब्लैकलिस्टिंग का आदेश तो तब लागू होगा जब वो दोबारा India आना चाहेंगे. इस पर सॉलिसिटर जनरल ने दलील दी कि उनके खिलाफ आपराधिक मामला लंबित है, ऐसे में उन्हें वापस नहीं भेजा जा सकता है.

इस बीच केंद्र सरकार ने Supreme Court में दाखिल हलफनामे में बताया कि 2,765 विदेशी तबलीगी जमातियों को निजामुद्दीन के जमात में भाग लेने के लिए Black List किया है. सभी लोगों को ट्रेस नहीं किया जा सकता है. इनमें से 1,906 लुक आउट नोटिस जारी किए गए हैं. 11 राज्यों ने Lockdown मानदंडों का उल्लंघन करने के लिए उनके खिलाफ 205 FIR दर्ज की हैं और 2,679 वीजा रद्द किए गए हैं.

याचिकाकर्ताओं को स्वदेश भेजे जाने की मांग पर कोर्ट ने कहा कि वो स्वदेश भेजे जाने की मांग सरकार से करें अदालत इसमें दखल नहीं देगी. ब्लैकलिस्ट किए जाने के मामले पर Supreme Court 10 July को सुनवाई करेगा.

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गौरतलब है कि मार्च में जब देश में Corona के मामले लगातार सामने आ रहे थे तब Delhi के निजामुद्दीन में तबलीगी जमात के लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए थे. कहा गया कि उनकी वजह से अन्य लोगों में भी Corona Virus बहुत ज्यादा संख्या में फैल गया था.

उसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अप्रैल महीने में तबलीगी जमात के 960 विदेशी नागरिकों को ब्लैक लिस्ट कर दिया, साथ ही इनके वीजा को रद्द कर दिया गया था. गृह मंत्रालय ने Delhi Police और अन्य राज्यों की Police से कहा था कि वह अपने-अपने क्षेत्र में रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम व विदेशी नागरिक अधिनियम के तहत कार्रवाई करें.

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